बिहार में नियोजित शिक्षक अपना काम उसी तरह कर रहे है जैसे नियमित शिक्षक कर रहे।  बस फर्क ये है की नियमित को सब कुछ अपने समय पे मिल रहा है लेकिन नियोजित शिक्षकों को नहीं। नियमित शिक्षक से बिलकुल आधा तनख्वा पाने वाले नियोजित शिक्षक को अपनी सैलरी मिलने पे भी सोचना  पर रहा है रहा है।  हर महीने वो लोग ये सोच के गुजार लेते है की इस माह उनका सैलरी जरूर आएगा। 

नियोजित शिक्षक

बिहार में कुल 3.5 लाख  नियोजित शिक्षक है लेकिन सैलरी के लिए अधिकतर परेशान रहते है।  सरकार भी उनलोगों का जैसे शोषण कर रही है।  सरकार को समझना चाहिए की जो शिक्षक अपना पूरा परिवार इसी  सैलरी से चलाता है वो लोग अपना जीवन व्यापन कैसे करता होगा। 

नियोजित शिक्षक

बहुत से शिक्षकों का बकाया एरियर भी  अबतक नहीं  मिला है।  अतः, सरकार से निवेदन है की आप नियोजित शिक्षकों को सैलरी हर महीने समय पे दें। आप उनकी सैलरी बढ़ाते है या नहीं बढ़ाते है,  ये उनकी काबलियत पे निर्भर करता है या आप कितना सक्षम है बढ़ाने में, इसपे भी निर्भर करता है।  लेकिन उनका सैलरी  खाता में समय पे देने की कृपा करें क्यूंकि वो आपके राज्य के शिक्षक है और उनका भी ध्यान आपको ही रखना है। 

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